सबुआरी–मांशुरी धान की खेती कैसे करें? Step by Step

भारत में धान (चावल) की खेती लाखों किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। सही किस्म का चयन और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर उत्पादन और लाभ दोनों बढ़ाए जा सकते हैं। सबुआरी–मांशुरी धान एक लोकप्रिय, अधिक उत्पादन देने वाली और बाजार में अच्छी कीमत पाने वाली किस्म मानी जाती है।

सबुआरी–मांशुरी धान की खेती कैसे करें

सबुआरी–मांशुरी धान क्या है?

सबुआरी–मांशुरी एक मध्यम अवधि (Medium Duration) वाली धान की किस्म है। यह किस्म अच्छे दाने, स्वाद और उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • ✔ मध्यम ऊँचाई के पौधे
  • ✔ गिरने की संभावना कम
  • ✔ दानों की गुणवत्ता अच्छी
  • ✔ बाजार में अच्छी मांग
  • ✔ उचित प्रबंधन से उच्च उत्पादन

धान की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु

धान की फसल गर्म और आर्द्र जलवायु में अच्छी होती है।

  • ✔ तापमान: 20°C – 35°C
  • ✔ वर्षा: 100–150 सेमी
  • ✔ नमी: अधिक नमी वाली जलवायु

धान की खेती के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है।

उपयुक्त मिट्टी

  • ✔ दोमट मिट्टी
  • ✔ चिकनी दोमट
  • ✔ काली मिट्टी
  • ✔ जलधारण क्षमता वाली भूमि

pH मान 5.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए।

स्टेप 1: खेत की तैयारी

Image
Image
Image

प्रक्रिया:

  1. खेत की पहली गहरी जुताई करें।
  2. 2–3 बार हल्की जुताई करें।
  3. खेत को समतल करें।
  4. पानी भरकर कीचड़ (पडलिंग) तैयार करें।
  5. गोबर की खाद मिलाएं।

अच्छी तरह तैयार खेत में पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं।

स्टेप 2: बीज का चयन और उपचार

Image

प्रक्रिया:

  1. प्रमाणित और शुद्ध बीज लें।
  2. 10–12 घंटे पानी में भिगोएँ।
  3. फफूंदनाशक से बीज उपचार करें।
  4. अंकुरण परीक्षण करें।

बीज उपचार से रोगों से बचाव होता है।

स्टेप 3: नर्सरी तैयार करना

Image
Image
Image

प्रक्रिया:

  1. अच्छी जल निकासी वाली जगह चुनें।
  2. क्यारी बनाएं।
  3. भिगोया हुआ बीज समान रूप से फैलाएं।
  4. हल्का पानी दें।
  5. 20–25 दिन में पौधे तैयार हो जाते हैं।

स्टेप 4: रोपाई (Transplanting)

Image
Image
Image

प्रक्रिया:

  • 20–25 दिन की पौध लें।
  • 2–3 पौधे एक साथ लगाएं।
  • कतार दूरी 20×15 सेमी रखें।
  • रोपाई के बाद हल्का पानी भरें।

स्टेप 5: उर्वरक प्रबंधन

Image
Image

खाद की मात्रा (सामान्य सिफारिश):

  • ✔ नत्र (N)
  • ✔ फास्फोरस (P)
  • ✔ पोटाश (K)

खाद 2–3 किस्तों में दें।

स्टेप 6: सिंचाई प्रबंधन

Image
Image
Image
Image
  • ✔ खेत में 2–5 सेमी पानी बनाए रखें।
  • ✔ फूल आने के समय पानी जरूरी।
  • ✔ कटाई से 10 दिन पहले पानी बंद करें।

स्टेप 7: खरपतवार नियंत्रण

Image

✔ 20–25 दिन बाद निराई करें।
✔ जरूरत हो तो खरपतवार नाशक का उपयोग करें।

स्टेप 8: कीट और रोग नियंत्रण

Image
Image
Image
Image

सामान्य रोग:

  • ✔ ब्लास्ट रोग
  • ✔ तना छेदक कीट
  • ✔ पत्ती लपेटक

समय पर दवा छिड़काव करें।

स्टेप 9: कटाई और भंडारण

Image
Image
Image

  • ✔ 110–130 दिन में फसल तैयार
  • ✔ दाने सुनहरे होने पर कटाई
  • ✔ धूप में सुखाकर भंडारण

उत्पादन क्षमता

सही प्रबंधन के साथ प्रति एकड़ 20–30 क्विंटल उत्पादन संभव है।

खेती के फायदे

  • ✔ उच्च उपज
  • ✔ बाजार में अच्छी मांग
  • ✔ अच्छी गुणवत्ता
  • ✔ मध्यम अवधि की फसल

निष्कर्ष

सबुआरी–मांशुरी धान की वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर किसान अच्छा उत्पादन और बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। खेत की तैयारी, बीज उपचार, उर्वरक प्रबंधन और समय पर कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

यदि आप इन सभी चरणों का सही पालन करते हैं, तो निश्चित रूप से आपकी फसल सफल होगी और आपको अच्छा आर्थिक लाभ मिलेगा।

Leave a Comment