रबी सीजन में खेत नहीं, कमरा भी बन सकता है धान के भूसे से 5 लाख रुपए तक की कमाई!

नमस्ते प्यारे किसान भाइयों और बहनों,

रबी का सीजन आ गया है। कई इलाकों में खेत खाली हो गए हैं या फिर गेहूं, चना जैसी फसलों की बुआई हो चुकी है। अक्सर इस समय हम सोचते हैं कि अब तो अगले कुछ महीनों तक मुख्य आय का कोई जरिया नहीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके खाली पड़े 40×30 फुट के कमरे और धान के भूसे (पराली) को एक सुनहरे मौके में बदला जा सकता है? जी हाँ, यह कोई अफवाह नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक और लाभकारी तरीका है – ओएस्टर मशरूम की खेती

ओएस्टर मशरूम की खेती

यह संभव कैसे है?

ओएस्टर मशरूम एक ऐसी फसल है जिसे उगाने के लिए न जमीन चाहिए, न धूप, न खाद और न ही ज्यादा पानी। इसे छायादार, बंद कमरे में, बैगों में लटकाकर उगाया जाता है। इसकी खाद (सब्सट्रेट) बनाने के लिए धान का भूसा मुख्य चीज है, जो आपके पास सस्ते में या मुफ्त में ही उपलब्ध है। यह न सिर्फ पराली का सदुपयोग है, बल्कि एक लाभ का व्यवसाय भी है।

40×30 फुट के कमरे से मशरूम उत्पादन: लागत और आय का विवरण (एक सीजन/6 महीने)

निम्नलिखित तालिका आपको अनुमानित आर्थिक लाभ समझने में मदद करेगी। यह गणना एक बार की शुरुआती लागत और छह महीने के उत्पादन चक्र पर आधारित है।

क्र.सं.आय/व्यय का मदविवरणअनुमानित राशि (रुपए में)
A. प्रारंभिक लागत (एक बार)
1.कमरा तैयार करना (पंखे, फॉगर आदि)40×30 फुट80,000
2.रैक/बांस की स्टैंड बनाना30,000
3.अन्य उपकरण (बॉयलर, नेट आदि)50,000
कुल प्रारंभिक लागत1,60,000
B. प्रति माह चलने वाली लागत
1.धान का भूसा (200 क्विंटल/माह)स्थानीय स्त्रोत10,000
2.मशरूम बीज (स्पॉन) (800 किलो/माह)@100 रु/किलो80,000
3.पॉलीथीन बैग, कॉटन आदि15,000
4.बिजली व पानी का खर्च8,000
5.मजदूरी (2 व्यक्ति)20,000
प्रति माह कुल लागत1,33,000
C. प्रति माह आय
1.मशरूम उत्पादन (अनुमानित)800 किलो/रोजाना x 25 दिन = 20,000 किलो/माह
2.मशरूम की बिक्रीथोक भाव 80 रुपए/किलो16,00,000
D. शुद्ध लाभ (प्रति माह)आय – मासिक लागत16,00,000 – 1,33,00014,67,000
E. 6 महीने का शुद्ध लाभ~14.67 लाख x 6~88,02,000
F. 6 महीने बाद शुद्ध लाभ (प्रारंभिक लागत घटाकर)कुल लाभ – प्रारंभिक लागत88,02,000 – 1,60,000~86,42,000

नोट: यह एक आदर्श स्थिति और बड़े पैमाने का उदाहरण है। शुरुआत छोटे पैमाने (500 बैग/दिन) से कर सकते हैं, जिसमें प्रति माह 1-2 लाख रुपए का शुद्ध लाभ आसानी से संभव है। 40×30 फुट के कमरे से 4-5 लाख रुपए महीना (6 महीने में 25-30 लाख) का लक्ष्य रखा जा सकता है। बाजार भाव और उत्पादन क्षमता लाभ को प्रभावित करते हैं।

मशरूम उत्पादन की संक्षिप्त प्रक्रिया:

  1. भूसे की तैयारी: धान के भूसे को पानी में उबालकर या भिगोकर उसमें से कीटाणु हटाए जाते हैं।
  2. स्पॉन मिलाना: ठंडा भूसा एक पॉलीथीन बैग में भरकर, उसमें मशरूम बीज (स्पॉन) मिलाया जाता है।
  3. इनक्यूबेशन: इन बैगों को अंधेरे कमरे में 20-25 दिनों के लिए रखा जाता है, ताकि मशरूम का जाल (माइसीलियम) फैल सके।
  4. फ्रक्टिफिकेशन: जाल फैलने के बाद बैगों में छेद करके कमरे में लटका दिया जाता है। तापमान और नमी नियंत्रित रखी जाती है। 5-7 दिनों में मशरूम आने लगते हैं।
  5. तुड़ाई और बिक्री: मशरूम को हाथ से तोड़कर साफ किया जाता है और ताजा या सूखाकर बाजार में बेचा जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. मुझे मशरूम की खेती का प्रशिक्षण कहाँ से मिल सकता है?

  • उत्तर: कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), राज्य कृषि विश्वविद्यालय, या ICAR के संस्थान अक्सर कम लागत वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाते हैं। ऑनलाइन भी कई विश्वसनीय YouTube चैनल और वेबसाइट हैं।

Q2. शुरुआत में कितना निवेश चाहिए?

  • उत्तर: छोटे पैमाने (रोजाना 100-200 बैग) से शुरू करने के लिए 50,000 से 1,00,000 रुपए तक का निवेश पर्याप्त हो सकता है। इसमें छोटा कमरा ढूंढना या बनाना शामिल है।

Q3. मशरूम के बीज (स्पॉन) कहाँ से मिलेंगे?

  • उत्तर: स्पॉन कृषि विश्वविद्यालयों या प्राइवेट लैब से खरीदे जा सकते हैं। शुरुआत में किसी प्रशिक्षित किसान या विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Q4. बाजार कहाँ मिलेगा? मशरूम किसे बेचें?

  • उत्तर: स्थानीय सब्जी मंडी, होटल, रेस्तरां, सुपरमार्केट और आस-पास के शहरों में आसानी से बिक्री हो जाती है। मंडी में एक कमीशन एजेंट (आढ़ती) भी मदद कर सकता है। सोशल मीडिया पर प्रचार भी कारगर है।

Q5. क्या यह पूरे साल चलने वाला व्यवसाय है?

  • उत्तर: ओएस्टर मशरूम को पूरे साल उगाया जा सकता है, बशर्ते कमरे का तापमान (20-30°C) और नमी (80-90%) नियंत्रित रहे। गर्मियों में कूलिंग और सर्दियों में हीटिंग की जरूरत पड़ सकती है।

Q6. क्या जोखिम है? अगर मशरूम नहीं आया तो?

  • उत्तर: मुख्य जोखिम संक्रमण (कीट/फफूंद) का है, जो सफाई और उचित प्रबंधन से कम किया जा सकता है। तापमान-नमी नियंत्रण बहुत जरूरी है। प्रशिक्षण लेकर और अच्छी क्वालिटी का स्पॉन खरीदकर जोखिम कम करें।

Q7. धान के भूसे के अलावा और क्या इस्तेमाल कर सकते हैं?

  • उत्तर: हाँ, गेहूं का भूसा, कपास की खली, सरसों की भूसी, लकड़ी का बुरादा आदि भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

रबी सीजन में खेतों के साथ-साथ अगर आप अपने खाली कमरे को भी “उपजाऊ बना दें”, तो आय दोगुनी हो सकती है। मशरूम खेती एक कम लागत, कम जगह, और अधिक मुनाफे वाला व्यवसाय है। यह न सिर्फ आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा, बल्कि पराली जलाने की समस्या को भी कम करके पर्यावरण की रक्षा में योगदान देगा।

एक छोटी शुरुआत करें। किसी सफल मशरूम किसान से मिलें। प्रशिक्षण लें। यह निर्णय आपको केवल एक किसान नहीं, बल्कि एक सफल कृषि-उद्यमी बना सकता है।

आपका,
एक किसान का साथी

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