भारत दुनिया के प्रमुख कपास उत्पादक देशों में से एक है। कपास (Cotton) एक नकदी फसल (Cash Crop) है, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिलता है। कपास से कपड़ा उद्योग, तेल उद्योग और कई अन्य उद्योग जुड़े हुए हैं। सही तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति से कपास की खेती करने पर उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ाए जा सकते हैं।
कपास की खेती का महत्व
- कपड़ा उद्योग का मुख्य कच्चा माल
- बीज से तेल उत्पादन
- खली पशु आहार में उपयोग
- निर्यात योग्य फसल
- किसानों के लिए लाभदायक नकदी फसल
कपास के लिए उपयुक्त जलवायु
कपास गर्म जलवायु की फसल है।
- तापमान: 20°C – 35°C
- वर्षा: 50–100 सेमी
- अधिक नमी से नुकसान
अत्यधिक वर्षा या जलभराव कपास के लिए हानिकारक है।
उपयुक्त मिट्टी
- काली मिट्टी (ब्लैक कॉटन सॉइल)
- दोमट मिट्टी
- अच्छी जल निकासी
- pH मान 6.0 – 8.0
स्टेप 1: खेत की तैयारी



प्रक्रिया:
- गहरी जुताई करें।
- 2–3 बार हल्की जुताई करें।
- खेत को समतल करें।
- गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएं।
अच्छी तरह तैयार खेत में जड़ें मजबूत बनती हैं।
स्टेप 2: बीज का चयन और उपचार



प्रक्रिया:
- प्रमाणित बीज चुनें (जैसे Bt कपास)।
- फफूंदनाशक से बीज उपचार करें।
- अंकुरण परीक्षण करें।
बीज उपचार से रोगों से बचाव होता है।
स्टेप 3: बुवाई


समय:
जून–जुलाई (मानसून के समय)
दूरी:
- कतार दूरी: 90–120 सेमी
- पौध दूरी: 45–60 सेमी
बीज 3–4 सेमी गहराई पर बोएं।
स्टेप 4: सिंचाई प्रबंधन

✔ अंकुरण के बाद हल्की सिंचाई
✔ फूल आने के समय पर्याप्त पानी
✔ जलभराव से बचें
ड्रिप सिंचाई सबसे बेहतर मानी जाती है।
स्टेप 5: उर्वरक प्रबंधन




सामान्य सिफारिश:
- नाइट्रोजन
- फॉस्फोरस
- पोटाश
खाद 2–3 चरणों में दें।
स्टेप 6: खरपतवार नियंत्रण




- 20–25 दिन बाद निराई
- जरूरत पड़ने पर खरपतवार नाशक का प्रयोग
स्टेप 7: कीट एवं रोग नियंत्रण


मुख्य कीट:
- बॉलवर्म
- सफेद मक्खी
- माहू
समय पर दवा छिड़काव करें।
स्टेप 8: फूल और फल प्रबंधन
- फूल आने के समय संतुलित खाद
- अत्यधिक नाइट्रोजन से बचें
- कीट नियंत्रण पर ध्यान दें
स्टेप 9: कपास की तुड़ाई (कटाई)

- 150–180 दिन में फसल तैयार
- फटे हुए बॉल (कपास फल) तोड़ें
- सूखे मौसम में तुड़ाई करें
उत्पादन क्षमता
- 8–15 क्विंटल प्रति एकड़ (औसतन)
- अच्छी देखभाल से अधिक उत्पादन संभव
कपास की खेती के लाभ
- नकदी फसल
- निर्यात योग्य
- उद्योगों में भारी मांग
- उचित प्रबंधन से अधिक लाभ
सावधानियाँ
- जलभराव से बचें
- समय पर कीट नियंत्रण करें
- संतुलित खाद दें
- प्रमाणित बीज ही उपयोग करें
निष्कर्ष
कपास की खेती वैज्ञानिक तरीके से करने पर किसान अच्छा उत्पादन और बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। खेत की तैयारी, सही बीज चयन, सिंचाई और कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
यदि आप इन सभी चरणों का सही पालन करते हैं, तो कपास की खेती आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती है।