कृषि यंत्र सब्सिडी 2026 : 50 प्रतिशत सब्सिडी पर टोकन से मिलेंगे कृषि यंत्र, ऐसे करें आवेदन

भारत सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हर साल कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लाती रहती है। वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार ने कृषि यंत्रों पर 50% तक की सब्सिडी की एक बड़ी योजना की घोषणा की है, जिसमें टोकन प्रणाली के माध्यम से किसानों को यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। यह योजना न केवल किसानों की लागत कम करेगी बल्कि आधुनिक खेती को भी प्रोत्साहित करेगी।

Table of Contents

कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2026: एक नजर में

योजना के प्रमुख बिंदु

योजना का नाम: कृषि यंत्रीकरण मिशन (सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन)
लॉन्च वर्ष: 2026 (वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए)
सब्सिडी प्रतिशत: 50% तक (विभिन्न श्रेणियों के अनुसार)
आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन टोकन आधारित प्रणाली
योजना का बजट: अनुमानित 3,500 करोड़ रुपये
लाभार्थी: छोटे और सीमांत किसान, महिला किसान, एससी/एसटी किसान

योजना का उद्देश्य

  1. देश में कृषि यंत्रीकरण की दर बढ़ाना
  2. किसानों की उत्पादन लागत कम करना
  3. समय पर खेती संबंधी कार्य सुनिश्चित करना
  4. कृषि में मजदूरों की कमी की समस्या को दूर करना
  5. किसानों की आय में वृद्धि करना
  6. पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देना

50% सब्सिडी के दायरे में आने वाले प्रमुख कृषि यंत्र

सरकार ने 2026 की योजना में 200 से अधिक कृषि यंत्रों और उपकरणों को शामिल किया है। इनमें से कुछ प्रमुख यंत्र निम्नलिखित हैं:

भूमि तैयारी के यंत्र

  • पावर टिलर: 50% सब्सिडी (अधिकतम 75,000 रुपये)
  • रोटावेटर: 40-50% सब्सिडी
  • डिस्क हैरो: 40% सब्सिडी
  • सब-सॉयलर: 50% सब्सिडी (जल संरक्षण के लिए विशेष)

बुवाई और रोपाई के यंत्र

  • सीड ड्रिल: 40-50% सब्सिडी
  • हैपी सीडर: 50% सब्सिडी (धान के लिए विशेष)
  • ट्रांसप्लांटर: 40% सब्सिडी
  • मल्चिंग मशीन: 50% सब्सिडी

सिंचाई के यंत्र

  • ड्रिप इरिगेशन सिस्टम: 50-55% सब्सिडी
  • स्प्रिंकलर सिस्टम: 50% सब्सिडी
  • सोलर पंप: 50% सब्सिडी (अतिरिक्त राज्य सब्सिडी भी)
  • पाइप्स और हॉसे: 40% सब्सिडी

फसल कटाई और गहाई के यंत्र

  • कंबाइन हार्वेस्टर: 50% सब्सिडी (कस्टम हायरिंग के लिए)
  • रीपर: 40% सब्सिडी
  • थ्रेशर: 40% सब्सिडी
  • मल्टी-क्रॉप थ्रेशर: 50% सब्सिडी

फसल उपरांत प्रबंधन यंत्र

  • ग्रेन ड्रायर: 50% सब्सिडी
  • कोल्ड स्टोरेज यूनिट: 50% सब्सिडी (सामुदायिक आधार पर)
  • पैक हाउस उपकरण: 40% सब्सिडी
  • सॉर्टिंग-ग्रेडिंग मशीन: 50% सब्सिडी

विशेष यंत्र

  • लेजर लैंड लेवलर: 50% सब्सिडी
  • स्प्रेयर (पावर/नैपसेक): 40-50% सब्सिडी
  • ड्रोन: 50% सब्सिडी (अधिकतम 5 लाख रुपये)
  • ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन: 50% सब्सिडी

पात्रता मानदंड: कौन कर सकता है आवेदन?

व्यक्तिगत किसान के लिए पात्रता

  1. नागरिकता: भारतीय नागरिक होना चाहिए
  2. कृषि भूमि: कम से कम 0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि का स्वामित्व या पट्टा
  3. आयु: 18 वर्ष से 65 वर्ष के बीच
  4. बैंक खाता: आधार से लिंक्ड बैंक खाता होना आवश्यक
  5. पिछली सब्सिडी: एक वर्ष में अधिकतम 2 यंत्रों पर ही सब्सिडी मिल सकती है

विशेष श्रेणियों के लिए अतिरिक्त लाभ

  • महिला किसानों को 5% अतिरिक्त सब्सिडी
  • एससी/एसटी किसानों को 10% अतिरिक्त सब्सिडी
  • पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को 10% अतिरिक्त सब्सिडी
  • सामुदायिक समूहों (FPOs, स्वयं सहायता समूह) को 60% तक सब्सिडी

अयोग्यता के आधार

  1. सरकारी कर्मचारी (कृषि से संबंधित न हो)
  2. पहले से ही समान यंत्र पर सब्सिडी ले चुका हो
  3. कर चोरी के मामले में दोषी पाया गया हो
  4. भूमि रिकॉर्ड में विसंगतियाँ पाई गई हों

टोकन आधारित प्रणाली: कैसे काम करेगी?

2026 की योजना की सबसे बड़ी खासियत है टोकन आधारित प्रणाली। इस प्रणाली के तहत:

टोकन प्रणाली के चरण

  1. आवेदन और सत्यापन: किसान ऑनलाइन आवेदन करता है, जिसकी जाँच की जाती है
  2. टोकन जनरेशन: योग्य पाए जाने पर एक डिजिटल टोकन जनरेट किया जाता है
  3. टोकन वैधता: टोकन 90 दिनों के लिए वैध होता है
  4. यंत्र चयन: किसान टोकन के साथ अधिकृत डीलर से यंत्र चुन सकता है
  5. भुगतान: किसान अपना हिस्सा भरता है, सब्सिडी सीधे डीलर को जाती है
  6. यंत्र वितरण: डीलर यंत्र किसान को सौंप देता है

टोकन प्रणाली के लाभ

  • पारदर्शिता: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और ट्रैक करने योग्य
  • समय बचत: मैन्युअल प्रक्रियाओं में कमी
  • धोखाधड़ी कम: डिजिटल सिस्टम में हेराफेरी कठिन
  • विकल्प की स्वतंत्रता: किसान अपनी पसंद का यंत्र और डीलर चुन सकता है

आवेदन प्रक्रिया: स्टेप बाय स्टेप गाइड

चरण 1: पंजीकरण

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: agrimachinery.gov.in
  2. ‘नया उपयोगकर्ता पंजीकरण’ पर क्लिक करें
  3. आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें
  4. OTP सत्यापन के बाद अपना पासवर्ड सेट करें

चरण 2: प्रोफाइल पूर्ण करना

  1. लॉगिन करने के बाद व्यक्तिगत विवरण भरें
  2. भूमि रिकॉर्ड विवरण अपलोड करें (7/12, 8-A आदि)
  3. बैंक खाता विवरण दर्ज करें (IFSC कोड सहित)
  4. पहचान प्रमाण (आधार, पैन) अपलोड करें

चरण 3: यंत्र चयन और आवेदन

  1. ‘यंत्र चयन’ सेक्शन में जाएँ
  2. अपनी आवश्यकता के अनुसार यंत्र चुनें
  3. यंत्र की तकनीकी विशेषताएँ और कीमत देखें
  4. ‘आवेदन करें’ बटन पर क्लिक करें

चरण 4: दस्तावेज़ अपलोड करना

  1. स्व-घोषणा पत्र (वेबसाइट से डाउनलोड करें)
  2. भूमि दस्तावेज़ (स्कैन कॉपी)
  3. पहचान प्रमाण
  4. जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  5. बैंक पासबुक की फ्रंट पेज कॉपी

चरण 5: आवेदन जमा करना और टोकन प्राप्त करना

  1. सभी विवरण जाँचने के बाद आवेदन जमा करें
  2. आवेदन संख्या नोट कर लें
  3. 15-20 दिनों में सत्यापन प्रक्रिया पूरी होगी
  4. स्वीकृति मिलने पर ई-मेल/SMS के माध्यम से टोकन प्राप्त होगा

आवश्यक दस्तावेजों की सूची

अनिवार्य दस्तावेज

  1. आधार कार्ड: मूल और फोटोकॉपी
  2. पहचान प्रमाण: मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस
  3. निवास प्रमाण: राशन कार्ड, बिजली बिल, पासपोर्ट
  4. बैंक खाता विवरण: पासबुक/चेकबुक की कॉपी
  5. भूमि दस्तावेज: 7/12, 8-A, खसरा खतौनी
  6. पासपोर्ट साइज फोटो: 2 ताजा फोटोग्राफ

श्रेणी विशेष दस्तावेज

  1. अनुसूचित जाति/जनजाति: जाति प्रमाण पत्र
  2. महिला किसान: शादी का प्रमाण पत्र/पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि विधवा)
  3. विकलांग किसान: विकलांगता प्रमाण पत्र (40% से अधिक)
  4. सीमांत किसान: भूमि सीमा प्रमाण पत्र

अतिरिक्त दस्तावेज (यदि आवश्यक हो)

  1. पट्टा समझौता (यदि भूमि पट्टे पर है)
  2. संयुक्त भूमि होने पर सहमति पत्र
  3. पिछली सब्सिडी का विवरण (यदि लागू हो)

महत्वपूर्ण तिथियाँ और समयसीमा

2026 योजना के लिए कैलेंडर

  • योजना घोषणा: जनवरी 2026
  • पोर्टल लॉन्च: 1 फरवरी 2026
  • आवेदन प्रारंभ: 15 फरवरी 2026
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026
  • सत्यापन प्रक्रिया: आवेदन के 30 दिनों के भीतर
  • टोकन वैधता: स्वीकृति की तारीख से 90 दिन
  • यंत्र वितरण: टोकन प्राप्ति के 120 दिनों के भीतर

राज्यवार कटऑफ तिथियाँ

अलग-अलग राज्यों में आवेदन की अंतिम तिथि भिन्न हो सकती है। कुछ प्रमुख राज्यों के लिए:

  • उत्तर प्रदेश: 15 अक्टूबर 2026
  • महाराष्ट्र: 30 सितंबर 2026
  • पंजाब: 31 अक्टूबर 2026
  • राजस्थान: 15 नवंबर 2026
  • दक्षिणी राज्य: 30 नवंबर 2026

सफल आवेदन के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

आवेदन से पहले

  1. पूरी जानकारी इकट्ठा करें: सभी दस्तावेज स्कैन करके रखें
  2. यंत्र चयन सावधानी से करें: अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार यंत्र चुनें
  3. बजट प्लानिंग: अपने हिस्से का भुगतान करने की तैयारी रखें
  4. डीलर रिसर्च: अधिकृत डीलरों की सूची और उनकी सेवाओं की जाँच करें

आवेदन प्रक्रिया के दौरान

  1. सही जानकारी भरें: कोई गलत जानकारी न दें
  2. दस्तावेज गुणवत्ता: स्पष्ट और पठनीय स्कैन कॉपी अपलोड करें
  3. आवेदन संख्या सुरक्षित रखें: भविष्य के संदर्भ के लिए
  4. नियमित फॉलो-अप: आवेदन स्थिति की जाँच करते रहें

टोकन मिलने के बाद

  1. समयबद्धता: टोकन की वैधता समाप्त होने से पहले यंत्र खरीदें
  2. डीलर से मोलभाव: कीमत और सर्विसिंग के बारे में स्पष्ट समझौता करें
  3. भुगतान रसीद सुरक्षित रखें: भविष्य में दावों के लिए आवश्यक
  4. यंत्र प्रशिक्षण: डीलर से परिचालन प्रशिक्षण अवश्य लें

सब्सिडी योजना के लाभ और प्रभाव

किसानों को प्रत्यक्ष लाभ

  1. लागत में कमी: 50% तक की सब्सिडी से यंत्र खरीद सस्ती
  2. उत्पादकता वृद्धि: आधुनिक यंत्रों से खेती की दक्षता बढ़ेगी
  3. समय बचत: मशीनीकरण से कार्य जल्दी पूरे होंगे
  4. श्रम की बचत: मजदूरों की कमी की समस्या कम होगी
  5. आय में वृद्धि: उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ने से आय बढ़ेगी

व्यापक आर्थिक प्रभाव

  1. कृषि उत्पादन बढ़ोतरी: देश में खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी
  2. रोजगार सृजन: यंत्र निर्माण और सर्विसिंग में नए अवसर
  3. तकनीकी विकास: कृषि में नवीन तकनीकों का प्रवेश
  4. ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूती: किसानों की क्रय शक्ति बढ़ेगी

संभावित चुनौतियाँ और समाधान

सामान्य समस्याएँ और उनके निवारण

  1. तकनीकी समस्याएँ:
  • समस्या: ऑनलाइन पोर्टल तक पहुँच या उपयोग में कठिनाई
  • समाधान: कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या कृषि विभाग कार्यालय से सहायता लें
  1. दस्तावेज़ संबंधी समस्याएँ:
  • समस्या: भूमि दस्तावेजों में नाम असंगतता
  • समाधान: तहसीलदार से संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त करें
  1. वित्तीय समस्याएँ:
  • समस्या: अपने हिस्से का भुगतान करने में असमर्थता
  • समाधान: किसान क्रेडिट कार्ड या बैंक ऋण का उपयोग करें
  1. यंत्र चयन संबंधी समस्याएँ:
  • समस्या: उपयुक्त यंत्र चुनने में अनिश्चितता
  • समाधान: कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें

निष्कर्ष: आधुनिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2026 भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 50% तक की सब्सिडी और टोकन आधारित पारदर्शी प्रणाली के साथ यह योजना वास्तव में किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है।

यह योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने में भी मदद मिलेगी।

सभी पात्र किसानों को सलाह है कि वे समय रहते इस योजना का लाभ उठाएँ और आधुनिक खेती की दिशा में आगे बढ़ें। याद रखें, खेती में यंत्रीकरण आज की आवश्यकता है, और यह योजना इस दिशा में आपकी सहायता के लिए ही बनाई गई है।

आवेदन करने के लिए तैयार हो जाइए और आधुनिक कृषि यंत्रों के साथ अपनी खेती को नई ऊँचाइयों पर ले जाइए!


अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। आधिकारिक जानकारी के लिए कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय कृषि अधिकारियों से संपर्क करें। योजना के नियम और शर्तें सरकार द्वारा समय-समय पर बदली जा सकती हैं।

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