खाली पड़े खेत में गरमा जुताई के है 3 फायदे, अभी करें तो अगली फसल की चार गुनी होगी पैदावार, जानिये क्या है गरमा जुताई
क्या है गरमा जुताई?
गरमा जुताई का मतलब है – गर्मी के दिनों में खाली पड़े खेत की गहरी जुताई करना। जब खेत में कोई फसल नहीं होती (जून-जुलाई के महीने में), तब ट्रैक्टर या बैलों से खेत की अच्छी तरह जुताई कर देना ही गरमा जुताई कहलाता है।

गरमा जुताई के 3 बड़े फायदे
1. फसल के दुश्मनों का सफाया
गर्मी में जुताई करने से:
- खरपतवार (घास-फूस) के बीज नष्ट हो जाते हैं
- कीड़े-मकोड़े और उनके अंडे धूप में मर जाते हैं
- बीमारियों के कीटाणु खत्म हो जाते हैं
2. मिट्टी बनती है ताकतवर
- गहरी जुताई से मिट्टी भुरभुरी हो जाती है
- हवा और पानी का आवागमन बेहतर होता है
- पोषक तत्व ऊपर आ जाते हैं
3. पानी सोखने की शक्ति बढ़ती है
- जुताई से मिट्टी ढीली हो जाती है
- बारिश का पानी अंदर तक जाता है
- सिंचाई कम करनी पड़ती है
पैदावार चार गुना कैसे बढ़ेगी?
- स्वस्थ मिट्टी = स्वस्थ फसल
- कम बीमारियां = कम दवाइयाँ
- बेहतर पानी सोखना = कम सिंचाई
- ज्यादा पोषण = बड़े दाने, ज्यादा उपज
गरमा जुताई का सही तरीका
- समय: मई से जुलाई तक (गर्मी के दिन)
- गहराई: 8-10 इंच गहरी जुताई
- तरीका: ट्रैक्टर या बैलों से जुताई
- बारिश के बाद: एक बार बारिश होने के बाद फिर हल्की जुताई
किसानों के लिए सलाह
- गर्मी में खेत खाली छोड़ने से अच्छा है गरमा जुताई करें
- थोड़ी मेहनत अभी करें, बाद में चार गुना फायदा पाएं
- खर्च कम, फायदा ज्यादा
निष्कर्ष
गरमा जुताई एक सदाबहार तरीका है जो हर किसान को अपनाना चाहिए। थोड़ी सी मेहनत और समझदारी से आप अपनी अगली फसल की पैदावार चार गुना तक बढ़ा सकते हैं। यह प्राकृतिक तरीका है, कोई केमिकल नहीं, बस समय पर जुताई।
याद रखें: खाली खेत सोना है, अगर उसकी गरमा जुताई करें तो!