हेलो, दोस्तों! क्या आपने कभी चना खाया है? हाँ, वही स्वादिष्ट और पौष्टिक चना जिसकी सब्ज़ी या भुजिया बनती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चना जब हम खाते हैं तो उसके छिलके अलग हो जाते हैं? इन छिलकों को ही “चना की भूसी” कहते हैं। अक्सर ये भूसी फेंक दी जाती है। पर क्या आपको पता है कि ये भूसी बिल्कुल भी कचरा नहीं है? यह तो एक “छुपा हुआ खज़ाना” है!

यह भूसी खेती और पशुपालन में बहुत काम आती है और इससे कई उपयोगी चीज़ें भी बनाई जा सकती हैं। आज हम इसी रोचक विषय पर चर्चा करेंगे। यह आर्टिकल उन सभी जिज्ञासु दिमागों के लिए है जो गूगल पर “चना भूसी के फायदे” या “चने की भूसी का उपयोग” खोजते हैं। चलिए, शुरू करते हैं!
चना की भूसी क्या है? (What is Gram Husk?)
सबसे पहले समझते हैं कि चना की भूसी होती क्या है। जब चने को दाल बनाने या बेचने के लिए तैयार किया जाता है, तो उसके ऊपर का सख्त छिलका उतार दिया जाता है। यह छिलका भूरे या हल्के पीले रंग का होता है और बहुत हल्का होता है। यही छिलका चना भूसी कहलाता है। यह देखने में भले ही सूखा और बेकार लगे, लेकिन इसमें फाइबर और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं।
चना भूसी से बनने वाले 3 फ़ायदेमंद उत्पाद ( Useful Products from Gram Husk)
चना की भूसी से कई तरह की उपयोगी चीज़ें बनाई जा सकती हैं। यहाँ हम तीन मुख्य उत्पादों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
1. पशुओं का सुपरफूड: पौष्टिक चारा (Nutritious Animal Feed)
यह चना भूसी का सबसे आम और महत्वपूर्ण उपयोग है। गाँवों में पशुपालन करने वाले लोग इसे बहुत अच्छी तरह जानते हैं।
- कैसे बनता है? चने की भूसी को सीधे या थोड़ा पिस कर पशुओं के सामान्य चारे (जैसे सूखा घास, हरा चारा) में मिला दिया जाता है। कभी-कभी इसे पानी में भिगोकर भी दिया जाता है ताकि पशु आसानी से खा सकें।
- फ़ायदे क्या हैं?
- पोषण से भरपूर: इसमें प्रोटीन और ऊर्जा होती है, जिससे गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे पशुओं की सेहत अच्छी रहती है।
- दूध बढ़ाने में मददगार: दूध देने वाली गाय-भैंसों को यह चारा देने से उनके दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।
- सस्ता और स्थानीय: यह भूसी चना मिल से आसानी से और कम दाम में मिल जाती है, जिससे पशु पालन की लागत कम होती है।
एक मज़ेदार तथ्य: क्या आप जानते हैं कि कई पशु आहार बनाने वाली कंपनियाँ भी भूसी को पीसकर और अन्य चीज़ों के साथ मिलाकर बैलेंस्ड पशु आहार तैयार करती हैं?
2. खेतों की ताक़त: जैविक खाद (Organic Fertilizer)
किसान भाई रासायनिक खाद की जगह प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करके अपनी मिट्टी को स्वस्थ रख सकते हैं। चने की भूसी इसमें एक हीरो की तरह काम करती है।
- कैसे बनती है? चने की भूसी को एक गड्ढे में डालकर ऊपर से मिट्टी या गोबर की खाद डाल दी जाती है। इसमें थोड़ा पानी भी छिड़का जाता है। कुछ हफ़्तों या महीनों में यह सड़कर बहुत ही बढ़िया जैविक खाद (कम्पोस्ट) बन जाती है।
- फ़ायदे क्या हैं?
- मिट्टी को मुलायम बनाती है: यह खाद मिट्टी को भुरभुरी बनाती है, जिससे पानी आसानी से अंदर जाता है और पौधों की जड़ों को हवा भी मिलती है।
- पोषण देती है: यह खाद धीरे-धीरे मिट्टी में पोषक तत्व छोड़ती है, जिससे फसलों को लंबे समय तक अच्छा खाना मिलता रहता है।
- प्रकृति के लिए अच्छी: इससे मिट्टी में ज़हरीले रसायन नहीं जाते, कीड़े-मकौड़े भी कम लगते हैं और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
3. आग की लपटें: ईंधन के रूप में (As a Fuel)
हमारे देश के बहुत से गाँवों में आज भी लकड़ी या उपले जलाकर खाना बनाया जाता है। चने की भूसी ईंधन का एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।
- कैसे बनता है? चने की भूसी को बड़ी मशीनों में दबाकर ब्रिकेट या लॉग का आकार दिया जाता है। ये ब्रिकेट ठोस और सख्त होते हैं, जिन्हें आसानी से जलाया जा सकता है।
- फ़ायदे क्या हैं?
- पर्यावरण बचाता है: इन ब्रिकेट्स को जलाने से धुआँ कम निकलता है, जो लकड़ी जलाने से कम हानिकारक होता है। इससे पेड़ों की कटाई भी कम होती है।
- ऊष्मा (Heat) अधिक: यह लकड़ी की तुलना में अच्छी गर्मी देता है, जिससे ईंधन की बचत होती है।
- कचरे का सदुपयोग: यह बेकार पड़ी चीज़ का एक बेहतरीन उपयोग है।
खेती में चना भूसी का जादू (Use in Farming)
किसानों के लिए चना भूसी एक वरदान की तरह है। आइए देखते हैं कि यह खेती में कैसे काम आती है।
- मिट्टी की सेहत सुधारती है: जब भूसी को खेत में मिलाया जाता है, तो यह मिट्टी की बनावट को बेहतर बनाती है। रेतीली मिट्टी में पानी रोकने की क्षमता बढ़ाती है और चिकनी मिट्टी को हल्का बनाती है।
- नमी बरकरार रखती है: भूसी मिट्टी के ऊपर एक परत बना लेती है, जो सूरज की तेज़ धूप से मिट्टी की नमी को वाष्पित होने से बचाती है। इससे पानी की बचत होती है, ख़ासकर गर्मियों में।
- ख़रपतवार पर नियंत्रण: खेत में भूसी बिछा देने से खरपतवार (घास-फूस) को उगने के लिए धूप नहीं मिल पाती और उनकी संख्या कम हो जाती है।
- फसलों की जड़ों की सुरक्षा: यह परत फसलों की नई पनप रही जड़ों को तेज़ धूप और ठंड से भी बचाती है।
कैसे इस्तेमाल करें?
खेत जोतने के बाद, बीज बोने से पहले, चने की भूसी को खेत की मिट्टी में अच्छी तरह मिला देना चाहिए। या फिर पौधों के आसपास की मिट्टी पर इसे बिछा दिया जा सकता है।
पशुपालन में चना भूसी की भूमिका (Use in Animal Husbandry)
पशु हमारे लिए दूध, खाद और काम करने में मदद करते हैं। उन्हें स्वस्थ रखना बहुत ज़रूरी है। चना भूसी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- पाचन तंत्र के लिए अच्छी: इसमें मौजूद फाइबर पशुओं के पेट के लिए बहुत अच्छा होता है। यह उनका पाचन ठीक रखता है और कब्ज़ जैसी समस्या नहीं होने देता।
- आहार का संतुलन: भूसी में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का अच्छा संतुलन होता है। इसे हरे चारे या अन्य दाने के साथ मिलाकर देने से पशु का आहार संतुलित हो जाता है।
- ऊर्जा का स्रोत: यह पशुओं को काम करने और शरीर गर्म रखने के लिए ज़रूरी ऊर्जा देती है।
- देने का सही तरीका: पशुओं को चना भूसी हमेशा सीमित मात्रा में ही देनी चाहिए। आमतौर पर, उनके कुल चारे का 10-20% हिस्सा ही भूसी होनी चाहिए। इसे पानी में भिगोकर या दलिया बनाकर देना सबसे अच्छा रहता है ताकि पशु आसानी से पचा सकें।
ध्यान रखें: बहुत ज़्यादा मात्रा में या सूखी भूसी देना पशुओं के लिए हानिकारक भी हो सकता है, इसलिए संतुलन बहुत ज़रूरी है।
छोटे-छोटे अन्य उपयोग (Other Small Uses)
चना भूसी के कुछ छोटे लेकिन दिलचस्प उपयोग भी हैं:
- बायो गैस प्लांट: इसे गोबर गैस प्लांट में डाला जा सकता है, जिससे मीथेन गैस का उत्पादन बढ़ता है।
- कुक्कुट पालन: मुर्गियों के आहार में भी इसे थोड़ी मात्रा में मिलाया जा सकता है।
- पैकिंग मटीरियल: नाजुक चीज़ों को लपेटने या पैक करने में भी इसका उपयोग हो सकता है।
दोस्तों, जैसा कि हमने देखा, चना की भूसी एक बहुत ही मूल्यवान चीज़ है। यह बिल्कुल भी बेकार नहीं है। इससे पशुओं का पौष्टिक चारा, खेतों के लिए जैविक खाद और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन जैसे तीन बड़े उत्पाद बनाए जा सकते हैं। साथ ही, यह सीधे खेती और पशुपालन में भी बहुत उपयोगी है।
इसका उपयोग करके किसान भाई अपने खर्चे कम कर सकते हैं, अपनी मिट्टी और पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और प्रकृति की भी रक्षा कर सकते हैं। यह “कचरे से कंचन बनाने” की सही मिसाल है। अगली बार जब आप चना देखें, तो उसकी भूसी को भी सम्मान दीजिएगा, क्योंकि उसमें छोटे-छोटे बड़े काम छुपे हैं!
याद रखें: प्रकृति की हर चीज़ हमारे किसी न किसी काम आ सकती है, बस हमें उसे पहचानने और सही तरीके से इस्तेमाल करने की समझ होनी चाहिए।