नीलगाय भारतीय किसानों की एक बड़ी समस्या है जो रातोंरात फसलों को बर्बाद कर देती है। परंपरागत तरीकों से इन्हें भगाना मुश्किल होता है, लेकिन एक प्राकृतिक और सस्ता समाधान मौजूद है – कुछ विशेष प्रकार के फूलों को मेड़ों पर लगाकर।

क्यों नीलगाय इन फूलों से दूर भागती है?
नीलगाय की गंध की समझ बहुत तीक्ष्ण होती है। कुछ विशिष्ट फूलों की सुगंध नीलगाय को अप्रिय लगती है और वे उस क्षेत्र के आसपास भी नहीं भटकतीं। यह एक प्राकृतिक विकर्षक (repellent) का काम करता है।
मेड़ों पर लगाने वाले प्रभावी फूल
1. गेंदा (Marigold)
- गेंदे की तीखी गंध नीलगाय को पसंद नहीं आती
- जड़ों से निकलने वाले रसायन भी मिट्टी को कीटों से बचाते हैं
- सालभर आसानी से उगाया जा सकता है
2. लैवेंडर (Lavender)
- तेज सुगंध वाला यह फूल नीलगाय को दूर रखता है
- मधुमक्खियों को आकर्षित कर परागण में मदद करता है
- सूखे को सहन करने की क्षमता
3. रोज़मेरी (Rosemary)
- सुगंधित जड़ी-बूटी जो नीलगाय को पसंद नहीं
- मेड़ों पर आसानी से लगाई जा सकती है
- रसोई में भी उपयोगी
4. तुलसी (Holy Basil)
- पारंपरिक रूप से प्रयोग की जाने वाली यह जड़ी बूटी
- धार्मिक महत्व के साथ-साथ कीट विकर्षक गुण
- कई प्रकार की तुलसी लगाई जा सकती है
कैसे लगाएं ये फूल?
- मेड़ों की तैयारी: मेड़ों को समतल करके उपजाऊ मिट्टी मिलाएं
- रोपण का समय: बरसात के मौसम से पहले या शुरुआती सर्दियों में
- दूरी: प्रत्येक पौधे के बीच 1-2 फुट की दूरी रखें
- क्यारी बनाएं: मेड़ों के किनारे छोटी-छोटी क्यारियाँ बनाएं
- सिंचाई: शुरुआत में नियमित सिंचाई आवश्यक
अतिरिक्त लाभ
- मिट्टी का संरक्षण: फूलों की जड़ें मिट्टी को बांधकर रखती हैं
- परागणकर्ताओं को आकर्षित: मधुमक्खियाँ और तितलियाँ फसल उत्पादन बढ़ाती हैं
- अतिरिक्त आय: कुछ फूलों को बाजार में बेचकर आमदनी
- जैव विविधता: खेत के पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार
अन्य प्राकृतिक उपाय
- नीम की खली: मेड़ों पर छिड़काव करें
- मिर्च-लहसुन का घोल: प्राकृतिक विकर्षक के रूप में
- रात में रोशनी: सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटें
- ध्वनि उपकरण: नीलगाय को भगाने वाली आवाज़ें
निष्कर्ष
मेड़ों पर फूल लगाना नीलगाय से बचाव का एक सस्ता, प्रभावी और पर्यावरण हितैषी तरीका है। इससे न केवल फसल की सुरक्षा होती है बल्कि खेत की सुंदरता भी बढ़ती है। थोड़ी सी मेहनत और योजनाबद्ध तरीके से किसान वाकई “घोड़ा बेचकर चैन की नींद” सो सकते हैं।
याद रखें: प्राकृतिक समाधानों को अपनाने में समय लगता है, लेकिन ये दीर्घकालिक और टिकाऊ होते हैं। अपने क्षेत्र के अनुकूल फूलों का चयन करें और अन्य किसानों के साथ अनुभव साझा करें।
कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही कोई नया तरीका अपनाएं। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र आपको उपयुक्त फूलों के बारे में मार्गदर्शन दे सकते हैं।