गाय-भैंसों के लिए ये है सबसे अच्छा चारा, ऐसे बोएं, पशुओं के लिए चारा भी रहेगा और बेचने से होगी मोटी कमाई

गाय-भैंसों के लिए पौष्टिक चारा उनके स्वास्थ्य और दूध उत्पादन की कुंजी है। आज हम आपको ऐसे चारे के बारे में बताएंगे जो न सिर्फ आपके पशुओं को स्वस्थ रखेगा, बल्कि बेचकर आपको मोटी कमाई भी देगा।

This is the best fodder for cows and buffaloes

Table of Contents

टॉप 5 बेस्ट चारे जो देंगे डबल फायदा:

1. नेपियर घास (Napier Grass / बाजरा घास)

खासियत:

  • दूध उत्पादन 15-20% बढ़ाती है
  • प्रति एकड़ 250-300 टन हरा चारा
  • साल में 6-8 बार कटाई

बोने का तरीका:

  • समय: फरवरी-मार्च या जून-जुलाई
  • दूरी: पंक्ति से पंक्ति 60 सेमी, पौधे से पौधे 40 सेमी
  • सिंचाई: गर्मी में 7-10 दिन में, सर्दी में 15-20 दिन में

कमाई:

  • लागत: 15,000-20,000 रुपये प्रति एकड़
  • उत्पादन: 250-300 टन हरा चारा
  • बिक्री मूल्य: 2-3 रुपये/किलो हरा चारा
  • कमाई: 5-9 लाख रुपये प्रति एकड़ सालाना

2. ज्वार (Sorghum / चरी)

खासियत:

  • प्रोटीन 8-12%
  • बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है
  • 60-70 दिन में तैयार

बोने का तरीका:

  • समय: खरीफ (जून-जुलाई), जायद (फरवरी-मार्च)
  • बीज दर: 8-10 किलो प्रति एकड़
  • कटाई: 50-60 दिन बाद

कमाई:

  • हरा चारा: 40-50 टन प्रति एकड़
  • बीज उत्पादन: 15-20 क्विंटल
  • कुल आय: 1-1.5 लाख रुपये प्रति एकड़

3. लोबिया (Cowpea)

खासियत:

  • प्रोटीन 18-25% (सबसे ज्यादा)
  • दूध में फैट बढ़ाती है
  • मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है

बोने का तरीका:

  • समय: वर्षा ऋतु या सिंचित क्षेत्र में कभी भी
  • बीज दर: 15-20 किलो प्रति एकड़
  • कटाई: 50-60 दिन में हरा चारा, 90-100 दिन में दाना

कमाई:

  • हरा चारा: 25-30 टन
  • दाना उत्पादन: 8-10 क्विंटल
  • कुल आय: 80,000 – 1,20,000 रुपये

4. बरसीम (Egyptian Clover)

खासियत:

  • सर्दियों का सर्वश्रेष्ठ चारा
  • प्रोटीन 18-20%
  • 25-30 दिन में पहली कटाई

बोने का तरीका:

  • समय: अक्टूबर-नवंबर
  • बीज दर: 20-25 किलो प्रति एकड़
  • सिंचाई: हल्की सिंचाई, 10-15 दिन के अंतराल पर

कमाई:

  • 6-8 कटाइयाँ सीजन में
  • कुल उत्पादन: 80-100 टन हरा चारा
  • आय: 1.6 – 2.5 लाख रुपये प्रति एकड़

5. मक्का (Maize)

खासियत:

  • ऊर्जा से भरपूर (65-70% स्टार्च)
  • दूध उत्पादन तेजी से बढ़ाती है
  • हरा चारा और दाना दोनों

बोने का तरीका:

  • समय: खरीफ (जून-जुलाई), रबी (अक्टूबर-नवंबर)
  • बीज दर: 15-20 किलो प्रति एकड़
  • कटाई: हरे चारे के लिए 60-70 दिन

कमाई:

  • हरा चारा: 35-40 टन
  • दाना: 20-25 क्विंटल
  • कुल आय: 1-1.8 लाख रुपये

चारा मिक्सचर फॉर्मूला (सबसे बेस्ट कॉम्बिनेशन):

गाय-भैंसों के लिए आदर्श चारा मिश्रण:

  1. नेपियर घास: 40%
  2. ज्वार: 25%
  3. लोबिया: 20%
  4. बरसीम/मक्का: 15%

फायदे:

  • प्रोटीन संतुलित
  • पाचन आसान
  • दूध उत्पादन बढ़ाने वाला
  • पशु स्वस्थ रहते हैं

चारा उत्पादन व्यवसाय के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड:

स्टेप 1: जमीन का चयन

  • कम से कम 1 एकड़ जमीन
  • सिंचाई की उचित व्यवस्था
  • मिट्टी जांच कराएँ

स्टेप 2: फसल चुनाव

  • एक एकड़ में मिक्स क्रॉपिंग:
  • 0.4 एकड़ नेपियर घास
  • 0.2 एकड़ ज्वार
  • 0.2 एकड़ लोबिया
  • 0.2 एकड़ बरसीम/मक्का

स्टेप 3: बुवाई तैयारी

  • खेत की अच्छी तरह जुताई
  • गोबर खाद डालें (10-15 ट्रॉली प्रति एकड़)
  • बीज उपचार करें

स्टेप 4: बोने का तरीका

  1. नेपियर घास: स्टेम कटिंग से
  2. ज्वार: बीज द्वारा
  3. लोबिया: बीज द्वारा
  4. बरसीम: बीज द्वारा

स्टेप 5: प्रबंधन

  • नियमित सिंचाई
  • खरपतवार नियंत्रण
  • कटाई समय पर करें

आर्थिक लाभ का गणित:

1 एकड़ चारा खेती से कमाई:

निवेश (प्रति एकड़):

  1. जमीन तैयारी: 5,000 रुपये
  2. बीज/कटिंग: 8,000 रुपये
  3. खाद/उर्वरक: 10,000 रुपये
  4. सिंचाई: 15,000 रुपये
  5. श्रम: 12,000 रुपये
    कुल निवेश: 50,000 रुपये

उत्पादन और आय:

  1. नेपियर घास (0.4 एकड़):
  • उत्पादन: 100-120 टन
  • बिक्री: 100 × 1000 × 2 = 2,00,000 रुपये
  1. ज्वार (0.2 एकड़):
  • उत्पादन: 8-10 टन
  • बिक्री: 8 × 1000 × 2 = 16,000 रुपये
  1. लोबिया (0.2 एकड़):
  • उत्पादन: 5-6 टन हरा + 2 क्विंटल दाना
  • बिक्री: 5 × 1000 × 3 + 2000 = 17,000 रुपये
  1. बरसीम (0.2 एकड़):
  • उत्पादन: 16-20 टन
  • बिक्री: 16 × 1000 × 3 = 48,000 रुपये

कुल आय: 2,81,000 रुपये प्रति एकड़

शुद्ध लाभ: 2,81,000 – 50,000 = 2,31,000 रुपये प्रति एकड़

बेचने के तरीके और बाजार:

1. सीधे पशुपालकों को बेचें:

  • प्रति ट्रक (10 टन): 20,000-25,000 रुपये
  • छोटी मात्रा में: 2-3 रुपये/किलो

2. चारा केंद्र खोलें:

  • चारे की दुकान
  • घर-घर डिलीवरी
  • मासिक सब्सक्रिप्शन मॉडल

3. डेयरी फार्म को कॉन्ट्रैक्ट:

  • सालाना कॉन्ट्रैक्ट
  • नियमित आपूर्ति
  • स्थिर आमदनी

4. प्रोसेस्ड चारा बेचें:

  • साइलेज बनाकर
  • हे बनाकर (सूखा चारा)
  • पेलेट्स बनाकर

विशेष टिप्स:

1. साइलेज बनाना:

  • हरे चारे को सीलबंद ड्रम में रखें
  • 45 दिन में तैयार हो जाता है
  • साल भर चारा उपलब्ध रहता है
  • बिक्री मूल्य: 5-6 रुपये/किलो

2. हे बनाना:

  • चारे को सुखाकर
  • लंबे समय तक स्टोर कर सकते हैं
  • बारिश के मौसम में ज्यादा मुनाफा

3. मिनी चारा यूनिट:

  • 5000-10,000 रुपये निवेश
  • चारा काटने की मशीन
  • दाना मिलाने की मशीन

सरकारी सहायता:

  1. चारा बीज सब्सिडी: 50-75%
  2. ड्रिप इरिगेशन सब्सिडी: 90% तक
  3. चारा संरक्षण योजना: साइलेज पिट सब्सिडी
  4. नेशनल लाइवस्टॉक मिशन: चारा विकास पर सहायता

सफलता की कहानी:

रामसिंह (मध्य प्रदेश):

  • 5 एकड़ में चारा खेती
  • शुरुआत में 50,000 रुपये निवेश
  • अब सालाना 12-15 लाख रुपये कमाई
  • 10 डेयरी फार्म को नियमित सप्लाई

सीमा देवी (राजस्थान):

  • 2 एकड़ में नेपियर घास
  • साइलेज बनाकर बेचती हैं
  • सालाना 4-5 लाख रुपये कमाई
  • गाँव की 20 महिलाओं को रोजगार

चारा गुणवत्ता बढ़ाने के उपाय:

  1. जैविक खेती: कीटनाशक न डालें
  2. समय पर कटाई: सुबह के समय काटें
  3. संतुलित खाद: जैविक खाद का प्रयोग
  4. पानी प्रबंधन: ड्रिप इरिगेशन अपनाएँ

पशुओं को चारा देने का सही तरीका:

  1. ताजा चारा: कटने के 2-3 घंटे के भीतर दें
  2. मात्रा: गाय को 15-20 किलो, भैंस को 20-25 किलो प्रतिदिन
  3. समय: सुबह और शाम अलग-अलग बार दें
  4. साफ-सफाई: चारे में धूल-मिट्टी न हो

निष्कर्ष:

चारा खेती एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें डबल फायदा है। आपके पशुओं को पौष्टिक चारा मिलेगा और आप बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं। नेपियर घास और बरसीम जैसी फसलें कम लागत में ज्यादा उत्पादन देती हैं।

याद रखें:

  1. अपने क्षेत्र के अनुसार फसल चुनें
  2. मिक्स क्रॉपिंग करें
  3. गुणवत्ता पर ध्यान दें
  4. बाजार पहले तलाशें

चारा खेती न सिर्फ आपकी आय बढ़ाएगी, बल्कि आपके पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन में भी सुधार करेगी। आज ही शुरुआत करें और इस हरित व्यवसाय का लाभ उठाएं!

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