मक्का (Maize) भारत की प्रमुख अनाज फसलों में से एक है। इसे “फसलों की रानी” भी कहा जाता है क्योंकि यह भोजन, पशु चारा, स्टार्च उद्योग, बायोफ्यूल और प्रोसेस्ड फूड उद्योग में व्यापक रूप से उपयोग होती है। मक्का की खेती कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली फसल है।
आज के समय में किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ टावर (Vertical Farming) और एरोपोनिक (Aeroponic) तकनीक से भी मक्का उगाने का प्रयोग कर रहे हैं। इस विस्तृत लेख में हम तीनों विधियों को स्टेप बाय स्टेप समझेंगे – तैयारी से लेकर कटाई तक, लागत, उत्पादन, फायदे और अंत में FAQ।
पारंपरिक विधि से मक्का की खेती (Step by Step)
1. जलवायु और मिट्टी

- तापमान: 20°C – 30°C
- वर्षा: 60–120 सेमी
- मिट्टी: दोमट या बलुई दोमट
- pH स्तर: 5.5 – 7.5
- अच्छी जल निकासी आवश्यक
2. भूमि की तैयारी
- 2–3 बार गहरी जुताई
- 8–10 टन सड़ी गोबर खाद प्रति एकड़
- खेत समतल करें
- नमी बनाए रखें
3. उन्नत बीज का चयन
- संकर (Hybrid) बीज अधिक उत्पादन देते हैं
- 1 एकड़ के लिए 8–10 किलोग्राम बीज पर्याप्त
- बुवाई से पहले बीजोपचार करें
4. बुवाई का समय और दूरी
| मौसम | बुवाई का समय |
|---|---|
| खरीफ | जून–जुलाई |
| रबी | अक्टूबर–नवंबर |
| जायद | फरवरी–मार्च |
- कतार दूरी: 60–70 सेमी
- पौधे से पौधे दूरी: 20–25 सेमी
- गहराई: 4–5 सेमी
5. सिंचाई प्रबंधन
- अंकुरण के समय नमी जरूरी
- फूल आने और दाना बनने के समय सिंचाई महत्वपूर्ण
- 4–6 सिंचाई पर्याप्त
6. उर्वरक प्रबंधन
| उर्वरक | मात्रा (प्रति एकड़) |
|---|---|
| नाइट्रोजन | 80–100 किग्रा |
| फॉस्फोरस | 40–50 किग्रा |
| पोटाश | 25–30 किग्रा |
नाइट्रोजन को 3 भागों में दें।
7. खरपतवार नियंत्रण
- 20–25 दिन बाद निराई
- जरूरत अनुसार 2 बार गुड़ाई
8. रोग एवं कीट नियंत्रण
- फॉल आर्मी वर्म
- तना छेदक
- पत्ती झुलसा रोग
समय पर कीटनाशक का छिड़काव करें।
9. कटाई और भंडारण
- 90–120 दिन में फसल तैयार
- भुट्टे सूखने पर कटाई
- 12–14% नमी पर भंडारण
उत्पादन और लाभ
- उत्पादन: 18–25 क्विंटल/एकड़
- औसत भाव: ₹1500–₹2200 प्रति क्विंटल
- कुल आय: ₹40,000–₹60,000 प्रति एकड़
टावर (Vertical Farming) विधि से मक्का की खेती
टावर फार्मिंग क्या है?



इस विधि में पौधों को ऊंचाई में कई स्तरों पर उगाया जाता है। यह तकनीक सीमित स्थान में अधिक उत्पादन के लिए उपयुक्त है।
टावर विधि – Step by Step
संरचना तैयार करें
- PVC या मेटल फ्रेम
- 5–8 फीट ऊंचाई
- मल्टी-लेयर सिस्टम
ग्रोइंग मीडिया
- कोकोपीट
- परलाइट
- हाइड्रोपोनिक मिश्रण
पोषक घोल
- NPK सॉल्यूशन
- माइक्रोन्यूट्रिएंट
सिंचाई
- ड्रिप या सर्कुलेशन सिस्टम
फायदे
- कम जगह में अधिक उत्पादन
- 30–40% पानी की बचत
- नियंत्रित वातावरण
लागत और उत्पादन
| विवरण | अनुमान |
|---|---|
| सेटअप लागत | ₹1–3 लाख |
| उत्पादन | 20–30% अधिक |
| फसल अवधि | 80–100 दिन |
एरोपोनिक विधि से मक्का की खेती
एरोपोनिक खेती क्या है?
एरोपोनिक तकनीक में पौधों की जड़ें हवा में लटकती हैं और पोषक तत्वों का स्प्रे किया जाता है। इसमें मिट्टी का उपयोग नहीं होता।
एरोपोनिक विधि – Step by Step
ग्रीनहाउस सेटअप
- नियंत्रित तापमान (20–28°C)
- मिस्टिंग सिस्टम
पौध रोपण
- नेट पॉट में पौधा
- जड़ें हवा में
पोषक तत्व स्प्रे
- हर 5–10 मिनट में मिस्टिंग
निगरानी
- pH 5.8–6.5
- EC स्तर नियंत्रित
फायदे
- 80–90% पानी की बचत
- 40–50% अधिक उत्पादन
- तेजी से वृद्धि
लागत
| विवरण | अनुमान |
|---|---|
| प्रारंभिक लागत | ₹4–10 लाख |
| उत्पादन वृद्धि | 40–60% |
| फसल अवधि | 75–90 दिन |
तुलना तालिका
| विधि | लागत | पानी की बचत | उत्पादन |
|---|---|---|---|
| पारंपरिक | कम | सामान्य | 18–25 क्विंटल |
| टावर | मध्यम | 30–40% | 20–30% अधिक |
| एरोपोनिक | अधिक | 80–90% | 40–60% अधिक |
मक्का की खेती के फायदे
- बहुउपयोगी फसल
- पशु चारा व उद्योग में मांग
- कम अवधि की फसल
- निर्यात संभावना
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मक्का की बुवाई का सही समय क्या है?
खरीफ के लिए जून–जुलाई सबसे उपयुक्त है।
1 एकड़ में कितना बीज लगता है?
लगभग 8–10 किलोग्राम।
मक्का की फसल कितने दिन में तैयार होती है?
90–120 दिन में।
क्या एरोपोनिक खेती लाभदायक है?
हाँ, लेकिन प्रारंभिक लागत अधिक है।
मक्का की पैदावार कैसे बढ़ाएं?
उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक और समय पर सिंचाई से।
निष्कर्ष
मक्का की खेती पारंपरिक, टावर और एरोपोनिक तीनों तरीकों से की जा सकती है। छोटे किसान पारंपरिक विधि अपनाकर कम लागत में अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं, जबकि प्रगतिशील किसान आधुनिक तकनीकों से अधिक लाभ कमा सकते हैं।