भारत में केसर को “लाल सोना” कहा जाता है। इसकी कीमत बहुत अधिक होती है और बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। यदि सही तरीके से खेती की जाए तो कम जमीन में भी किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं। इस लेख में हम केसर की खेती की पूरी प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप, आवश्यक जलवायु, मिट्टी, लागत, उत्पादन, मुनाफा
केसर क्या है?
केसर एक मसाला है जो Crocus Sativus नामक पौधे के फूल से प्राप्त होता है। इसके फूल बैंगनी रंग के होते हैं और अंदर की लाल रंग की तीन पतली धागेनुमा संरचनाएँ ही असली केसर होती हैं।
भारत में केसर की खेती मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के जम्मू और कश्मीर के पंपोर क्षेत्र में की जाती है। अब तकनीक की मदद से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल और मध्य प्रदेश में भी इसकी खेती शुरू हो रही है।
1. केसर की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु
- ठंडी और शुष्क जलवायु सबसे अच्छी
- तापमान 10°C से 25°C उपयुक्त
- सर्दियों में हल्की बर्फबारी लाभदायक
- ज्यादा वर्षा नुकसानदायक
👉 यदि आप उत्तर भारत के ठंडे क्षेत्रों में रहते हैं तो खुले खेत में खेती संभव है। अन्य क्षेत्रों में ग्रीनहाउस या पॉलीहाउस में खेती की जा सकती है।
2. मिट्टी का चयन
- दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सर्वोत्तम
- pH मान 6 से 8 के बीच
- जल निकासी अच्छी होनी चाहिए
- खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए
खेत तैयार करते समय 20–25 टन गोबर की खाद प्रति हेक्टेयर मिलाएं।
3. खेत की तैयारी (Step by Step)

चरण 1:
खेत की 2–3 बार गहरी जुताई करें।
चरण 2:
गोबर की सड़ी हुई खाद मिलाएं।
चरण 3:
क्यारियाँ (Raised Beds) बनाएं।
चरण 4:
खेत को समतल करें और जल निकासी की व्यवस्था करें।
4. बीज (कॉर्म) का चयन


केसर बीज से नहीं बल्कि कॉर्म (Bulb) से उगाया जाता है।
- 2.5–3 सेमी व्यास वाले स्वस्थ कॉर्म चुनें
- रोग मुक्त और सड़े हुए न हों
- प्रमाणित स्रोत से खरीदें
1 हेक्टेयर में लगभग 5 से 6 लाख कॉर्म की आवश्यकता होती है।
5. रोपाई का सही समय
- जुलाई से सितंबर तक रोपाई करें
- 10–15 सेमी गहराई पर कॉर्म लगाएं
- पौधों के बीच दूरी 10×10 सेमी रखें
6. सिंचाई प्रबंधन
- रोपाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई
- फूल आने से पहले हल्की नमी जरूरी
- ज्यादा पानी से फसल खराब हो सकती है
केसर सूखी जलवायु में बेहतर उत्पादन देती है।
7. फूल आने की प्रक्रिया


- अक्टूबर–नवंबर में फूल आते हैं
- फूल केवल 2–3 दिन तक रहते हैं
- सुबह जल्दी फूल तोड़ना चाहिए
8. केसर की तुड़ाई और प्रोसेसिंग
चरण 1:
सुबह जल्दी फूल तोड़ें।
चरण 2:
फूलों से लाल धागे (Stigma) अलग करें।
चरण 3:
छाया में सुखाएं।
चरण 4:
एयरटाइट डिब्बे में संग्रह करें।
1 किलो केसर बनाने के लिए लगभग 1.5 से 2 लाख फूल लगते हैं।
9. लागत और मुनाफा
| विवरण | अनुमानित लागत (प्रति हेक्टेयर) |
|---|---|
| कॉर्म खरीद | ₹6–8 लाख |
| खाद व तैयारी | ₹1–2 लाख |
| मजदूरी | ₹1 लाख |
| कुल लागत | ₹8–10 लाख |
उत्पादन: 2–4 किलो प्रति हेक्टेयर
बाजार मूल्य: ₹1.5 लाख से ₹3 लाख प्रति किलो
संभावित आय: ₹5–10 लाख या अधिक
10. रोग और नियंत्रण
- फफूंद रोग – कॉर्म सड़न
- चूहे और कीट
- ज्यादा नमी से नुकसान
उपचार:
- कॉर्म को फफूंदनाशक दवा से उपचारित करें
- खेत में जल निकासी अच्छी रखें
11. ग्रीनहाउस में केसर की खेती



अब कई किसान नियंत्रित तापमान में केसर उगा रहे हैं।
फायदे:
- साल में एक से अधिक उत्पादन
- मौसम पर निर्भरता कम
- ज्यादा मुनाफा
12. केसर की मांग और उपयोग
- मिठाइयों में
- दवाइयों में
- सौंदर्य प्रसाधन
- धार्मिक कार्यों में
भारत के अलावा ईरान, स्पेन और अफगानिस्तान में भी इसकी खेती होती है।
भारत में केसर उत्पादन क्षेत्र
मुख्य रूप से:
- जम्मू-कश्मीर
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
भारत में सबसे प्रसिद्ध क्षेत्र है पंपोर, जिसे “केसर नगरी” कहा जाता है।
13. पैकेजिंग और मार्केटिंग
- एयरटाइट कांच की बोतल
- नमी रहित स्थान पर संग्रह
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री
- थोक व्यापारियों से संपर्क
14. सरकारी सहायता
कई राज्य सरकारें और कृषि विभाग केसर की खेती के लिए सब्सिडी देते हैं। आप अपने जिले के कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. केसर की खेती कितने समय में तैयार होती है?
रोपाई के 3–4 महीने बाद फूल आ जाते हैं।
2. क्या उत्तर प्रदेश में केसर की खेती संभव है?
हां, ग्रीनहाउस या नियंत्रित वातावरण में संभव है।
3. 1 बीघा में कितना उत्पादन होगा?
लगभग 200–400 ग्राम (अनुमानित)।
4. केसर की खेती कितने साल तक चलती है?
एक बार लगाए गए कॉर्म 3–4 साल तक उत्पादन देते हैं।
5. सबसे ज्यादा केसर कौन सा देश उगाता है?
ईरान विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है।
निष्कर्ष
केसर की खेती कम जमीन में अधिक मुनाफा देने वाली खेती है। यदि सही जलवायु, अच्छी मिट्टी और प्रमाणित कॉर्म का उपयोग किया जाए तो किसान लाखों रुपये कमा सकते हैं। ग्रीनहाउस तकनीक के माध्यम से अब भारत के कई राज्यों में इसकी खेती सफलतापूर्वक की जा रही है।
यदि आप आधुनिक खेती से जुड़कर अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो केसर की खेती आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकता है।