प्रिय किसान भाइयों और बहनों!
क्या आप भी महंगे खाद और केमिकल डाल-डाल कर थक गए हैं? क्या फसल अच्छी नहीं होती और पैसा भी ज्यादा लगता है? आज हम एक ऐसी खाद के बारे में बताएंगे जो बिलकुल फ्री है और सबसे अच्छी भी! हाँ, हम बात कर रहे हैं घर में बनी गोबर के उपले की खाद की!

गोबर की खाद क्यों है जादूई?
- मिट्टी को जीवित करती है – केमिकल खाद मिट्टी को बीमार बनाते हैं, पर गोबर की खाद मिट्टी में फिर से जान डाल देती है।
- सस्ती और आसान – घर पर ही बन जाती है, पैसे बचते हैं।
- फसल स्वस्थ रहती है – गोबर की खाद से उगी सब्जी-अनाज हमें बीमार नहीं करते।
गोबर के उपले की खाद कैसे बनाएं? (आसान तरीका)
चीजें चाहिए:
- गाय या भैंस का ताजा गोबर
- सूखी पत्तियाँ या भूसा
- पानी
- छायादार जगह
बनाने की विधि:
कदम 1: एक छायादार जगह पर जमीन साफ करें।
कदम 2: गोबर में थोड़ी सूखी पत्तियाँ या भूसा मिलाएँ।
कदम 3: इस मिश्रण को हाथों से अच्छी तरह मिलाएँ।
कदम 4: छोटे-छोटे उपले बनाएं या ढेर कर दें।
कदम 5: इन पर थोड़ा पानी छिड़कें और घास या पलास से ढक दें।
कदम 6: 20-25 दिन तक रहने दें। बीच में 2-3 बार पलटें।
कदम 7: जब यह काले रंग की हो जाए और मिट्टी जैसी महक आने लगे, तो समझ लें खाद तैयार है!
इस्तेमाल कैसे करें?
- खेत की जुताई से पहले खाद को बिखेर दें।
- पौधे लगाते समय गड्ढे में थोड़ी खाद डालें।
- पेड़ों के तने के आसपास डालें।
फायदे:
- मिट्टी रहेगी नरम – पानी सोखने की ताकत बढ़ेगी।
- कीड़े कम लगेंगे – फसल स्वस्थ रहेगी।
- पैसे बचेंगे – महंगे खाद नहीं खरीदने पड़ेंगे।
- फसल ज्यादा और अच्छी – स्वाद और पोषण से भरपूर।
याद रखें!
- गोबर की खाद बनाने में 3-4 हफ्ते लगते हैं।
- बारिश में इसे ढक कर रखें।
- जानवरों का गोबर सबसे अच्छा होता है।
“प्रकृति का उपहार, किसान का सहारा!”
अब से महंगे खाद को कहें बाय-बाय! अपने घर की गोबर की खाद से उगाएं स्वस्थ फसल। यह प्रकृति का तोहफा है और हमारी परंपरा भी। एक बार आजमाएँ, फर्क खुद देखें!
शुभकामनाएँ! 🌱