अफीम की खेती कैसे करें? Step by Step पूरी जानकारी

भारत में अफीम (पोस्ता) की खेती एक नियंत्रित और लाइसेंस आधारित कृषि गतिविधि है। यह औषधीय उपयोग, दर्द निवारक दवाओं तथा फार्मास्यूटिकल उद्योग में कच्चे माल के रूप में उपयोग की जाती है। भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में है जहाँ कानूनी रूप से अफीम की खेती की अनुमति दी जाती है, लेकिन यह पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में होती है।

महत्वपूर्ण सूचना:
अफीम की खेती बिना सरकारी लाइसेंस के करना अवैध है। खेती करने से पहले संबंधित सरकारी विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है।

अफीम की खेती क्या है?

अफीम पोस्ता (Papaver somniferum) नामक पौधे से प्राप्त होती है। इसके फल (डोडा) से निकलने वाला दूधिया रस सुखाकर अफीम बनाई जाती है।

अफीम की खेती के लिए लाइसेंस प्रक्रिया

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भारत में अफीम की खेती की अनुमति मुख्य रूप से निम्न राज्यों में दी जाती है:

  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश

लाइसेंस के लिए आवश्यक बातें:

  1. पिछले रिकॉर्ड की जांच
  2. भूमि सत्यापन
  3. सरकारी अनुमति पत्र
  4. निर्धारित उत्पादन कोटा

लाइसेंस हर वर्ष नवीनीकरण करना होता है।

उपयुक्त जलवायु

  • ठंडी और शुष्क जलवायु
  • तापमान 10°C – 25°C
  • अत्यधिक वर्षा से बचाव

उपयुक्त मिट्टी

  • दोमट मिट्टी
  • अच्छी जल निकासी
  • pH 6.5 – 7.5

स्टेप 1: खेत की तैयारी

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प्रक्रिया:

  1. गहरी जुताई करें
  2. 2–3 बार हल्की जुताई
  3. खेत को समतल करें
  4. गोबर की खाद मिलाएं

स्टेप 2: बीज की बुवाई

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प्रक्रिया:

  1. अक्टूबर–नवंबर में बुवाई
  2. कतार दूरी 25–30 सेमी
  3. बीज हल्की मिट्टी से ढकें

स्टेप 3: सिंचाई प्रबंधन

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  • बुवाई के बाद हल्की सिंचाई
  • 15–20 दिन बाद दूसरी सिंचाई
  • फूल आने पर विशेष ध्यान

स्टेप 4: खाद एवं उर्वरक

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  • नाइट्रोजन
  • फॉस्फोरस
  • पोटाश

खाद संतुलित मात्रा में दें।

स्टेप 5: खरपतवार नियंत्रण

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  • समय पर निराई
  • खरपतवार नाशक का प्रयोग

स्टेप 6: कीट एवं रोग नियंत्रण

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  • पत्ती रोग
  • तना सड़न
  • कीट नियंत्रण के लिए छिड़काव

स्टेप 7: डोडा चीरा लगाना (Lancing)

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प्रक्रिया:

  1. डोडा पकने पर हल्का चीरा लगाएं
  2. दूधिया रस बाहर आता है
  3. अगले दिन इसे खुरचकर इकट्ठा करें

स्टेप 8: संग्रह और सरकारी जमा

निर्धारित मात्रा सरकार को जमा करनी होती है
गुणवत्ता परीक्षण किया जाता है
तय मूल्य पर भुगतान

उत्पादन क्षमता

उत्पादन सरकार द्वारा निर्धारित कोटा पर निर्भर करता है।

सावधानियां

  • बिना लाइसेंस खेती करना अपराध है
  • सरकारी नियमों का पालन अनिवार्य
  • निर्धारित मात्रा से कम उत्पादन पर लाइसेंस रद्द हो सकता है

निष्कर्ष

अफीम की खेती लाभदायक हो सकती है, लेकिन यह पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में है। सही लाइसेंस, उचित तकनीक और नियमों का पालन करने पर किसान अच्छा लाभ कमा सकते हैं।

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